उस्ताद योजना 2020

Ustad scheme उस्ताद योजना 2020

Ustad scheme उस्ताद योजना 2020

SMSC Ustad Yojana (उस्ताद योजना  2020 )

Ustad scheme  उस्ताद योजना की शुरुआत कब और कैसे हुई ..?

Ustad scheme 2020 starts from Varanasi U.P. 


       14 मई 2015 को वाराणसी में अल्पसंख्यक कारीगरों के लिए उस्ताद (अपग्रेडिंग स्किल्स एंड ट्रेनिंग इन ट्रेडिशनल आर्ट्स/क्राफ्ट्स फॉर डेवलपमेंट)योजना की शुरुआत की गई थी वर्ष 2014 में केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली ने 17 करोड़ रुपए के शुरुआती फंड से इस योजना की शुरुआत की थी |


केंद्र की उस्ताद योजना से पारंपरिक कला को बड़ावा मिलेगा ।केंद्र सरकार की उस्ताद (USTTAD) (अपग्रेडिंग स्किल्स एंड ट्रेनिंग इन ट्रेडिशनल आर्ट/ क्राफ्ट फॉर डेवलपमेंट )योजना इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उस्ताद योजना में 45 साल तक की उम्र के लोगों को 3 से 8 महीने की कुशलता सीखने  के साथ ही हर महीने ₹3000 का स्टाइपेंड मिलता है।
 
केंद्र सरकार ने इस योजना की शुरुआत हस्तशिल्प कार्य और पारंपरिक हस्तकारों के हितों की रक्षा के लिए की है।
 
 सरकार यह चाहती है कि जो क्षेत्र विकास की दिशा में कार्यशील है उनसे जुड़े अल्पसंख्यक समुदाय के कामगारों को बड़े बाजार नेटवर्क का हिस्सा बन सके कौशल विकास शिक्षा लोन की उपलब्धता उस्ताद से संबंधित रणनीति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
 

आज देश में अशिक्षा गरीबी और अभियंता के चलते जो लोग अपनी पारंपरिक कलाओं से जुड़े हैं वे अपनी कलाओं से दूर हो रहे हैं पारंपरिक धरोहर के प्रति दूर होते लोगों को देखते हुए सरकार ने 14 मई 2015 को वाराणसी से इस योजना की शुरुआत की है।

उस्ताद योजना  2020 का उद्देश्य ….?

 

  1. अल्पसंख्यक समुदाय के वे लोग जो पारंपरिक कलाओं और अपने समुदाय से संबंधित हस्तकला को आगे नहीं बड़ा पा रहे हैं उनकी इन कलाओं को बढ़ावा देने के लिए केंद्र सरकार ने कौशल विकास तथा प्रशिक्षण योजना उस्ताद योजना शुरू की है 
  2. इस उस्ताद योजना में पारंपरिक कलाओं को और हस्तकला को प्रमुखता दी जाएगी जिससे पारंपरिक धरोहर से दूर होने की स्थिति में बदलाव लाया जा सके और इन कलओ को पिछड़ने से रोका जा सके।
  3. इसके साथ ही पारंपरिक कौशल, डिजाइन विकास, क्षमता निर्माण और उस्ताद दस्तकारों और हस्तशिल्पयो के पारंपरिक कौशल को आगे लाने की कोशिश की जाए।
  4. उस्ताद योजना 2020 की कुशलता के मानक निर्धारण और कौशल का सरंक्षण प्रमुख लक्ष्य है इस योजना के उद्देश्य के अंतर्गत यह भी शामिल हैं कि विभिन्न पारंपरिक कलाओं से जो लोग जुड़े हैं उनमें अल्पसंख्यक युवाओं को  इन कलाओं में निपुण दस्तकारों और हस्तशिल्पयो द्वारा अतिरिक्त प्रशिक्षण दिलाया जाए।
  5.  बेहतर बाजार उपलब्ध कराने का प्रयास देश के पारंपरिक कौशल वाले इन कलाकारों के सामने हमेशा से ही सबसे बड़ी समस्या सामान्य जीवन यापन करने की रही है उनकी इस कुशलता को सही लोगों तक पहुंचाने और उनकी इस कारीगरी का उचित मूल्य उन्हें मिल सके इसके लिए उस्ताद योजना 2020 को शुरू किया गया है और इस योजना को बड़े संस्थानों को जोड़ा गया है।
  6. उस्ताद योजना के अंतर्गत इन कलाकारों के डिजाइन, उत्पाद श्रेणी विकास, पैकेजिंग, प्रदर्शनी जैसी गतिविधियों के लिए राष्ट्रीय फैशन प्रौद्योगिकी संस्थान(NIFT), राष्ट्रीय डिजाइन संस्थान(NID),और भारतीय पैकेजिंग संस्थान(IIP) की सहायता भी ली जा रही है।
  7. उस्ताद योजना के अंतर्गत पारंपरिक कौशल वाले उत्पाद तैयार किए जाएंगे उनकी बिक्री बढ़ाने के लिए ईबाजार पोर्टल विकसित किया गया है और इन कलाकारों को ब्रांड के रूप में स्थापित करने में इन संस्थानों का महत्व पूर्ण सहयोग मिला है।
  8. इन पारंपरिक कलाकारों के द्वारा तैयार किए गए उत्पाद के लिए राष्ट्रीय/अंतरराष्ट्रीय बाजार के साथ संपर्क बनाने के लिए ई- वाणिज्य पोर्टल के साथ संयोजन स्थापित किया गया है।


उस्ताद योजना 2020 के अंतर्गत क्या खास है जानिए- CLCK HEAR 

  • -उस्ताद योजना राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय बाजार के साथ पारंपरिक कला अथवा शिल्प के संबंध स्थापित करेगी
  • – उस्ताद योजना का बजट केंद्र सरकार द्वारा किया जा रहा है.
  • -उस्ताद योजना द्वारा बड़ी कंपनियों से प्रतिस्पर्धा करने के लिए कुशल और अकुशल दस्त कारों एवं शिल्पकारों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
  • – इस योजना के माध्यम से अल्पसंख्यक समुदाय से संबंधित युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराकर उनके बेहतर भविष्य की कामना पर जोर दिया जा रहा है.
  • – उस्ताद योजना को संपूर्ण देश में लागू करने का प्रस्ताव है।

उस्ताद योजना 2020 के लिए बजट :-

3 साल में उस्ताद योजना पर 59 करोड़ रुपए खर्च किए गए हैं.
पिछले वित्त वर्ष में उस्ताद योजना के लिए 22 करोड़ रुपए का बजट जारी किया गया था।

 ट्रेनिंग के साथ-साथ स्टाइपेंड भी::-Ustad Yojana is a part of Sabka Vikas, Sabka Saath 

उस्ताद योजना के अंतर्गत कुशलता सीखने वाले लोगों को हर महीने ट्रेनिंग के साथ-साथ 3000रुपये भी मिलते हैं इसके लिए मास्टर ट्रेनर की फीस 50,000 रुपये महीने हैं साल 2020 में मोदी सरकार उस्ताद योजना की समीक्षा करेगी।
संपूर्ण कुशलता सीखने के लिए इस कोर्स को पूरा करने में 3 से 8 महीने का समय लगता है ।
उस्ताद योजना के अंतर्गत इसमें ट्रेनिंग के लिए उम्र सीमा पहले 14 से 35 वर्ष थी जिसे बाद में बढ़ाकर 45 वर्ष कर दी गई है उस्ताद योजना के अंतर्गत 33 फ़ीसदी सीट महिलाओं के लिए रिजर्व होती हैं।

 33 प्रकार की कला के लिए ट्रेनिंग….:- What arts will be prioritized under the Ustad scheme?

 

उस्ताद योजना के अंतर्गत विभिन्न राज्यों की कुल 33 पारंपरिक शिल्पकारी और दस्तकारी सिखाने की योजना  तय कि गयी है.

 इनमें चिकनकारी (यूपी), ग्लासवेयर (यूपी), पेपर मेसी (जम्मू-कश्मीर), फुलकारी (पंजाब,) लहरिया (राजस्थान), अजरक (गुजरात) प्रमुख है।
 उस्ताद योजना को संपूर्ण देश में लागू करने के लिए 38 पीआइए (प्रोजेक्ट इंप्लीमेंटिंग एजेंसी) चुनी गई थी इन एजेंसियों के माध्यम से ही मास्टर ट्रेनर को नियुक्त कर प्रशिक्षण दिया जाता है उस्ताद योजना के अंतर्गत जो ट्रेनिंग सेंटर है वह भी इन एजेंसीयो के माध्यम से खोले गए हैं |
: उस्ताद योजना के बारे में संपूर्ण जानकारी प्राप्त करने के लिए आप इस वेबसाइट पर जाकर देख सकते हैं:–

उस्ताद योजना 2020

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